कैसे भूलूँ

वो तारीख कुछ और थी
चन्दन भी नहीं, रंग था
माथा मगर था मेरा
और हाथ तेरा संग था

उसी दिन की याद में
दिन आज बिताना है
यादों का ये रिश्ता है
यादों से निभाना है